शुक्रवार, 7 अगस्त 2009

२७ सितम्बर को युवा दिवस मनाएं



साथियों ,
जैसा कि आप जानते ही हैं कि २७ सितम्बर इस देश के युवाओं की क्रान्तिकारी चेतना के सर्वोत्कृष्ट प्रतीक शहीद भगत सिंह का जन्म दिवस है। अक्सर उन्हें केवल एक रूमानी क्रान्तिकारी की तरह पेश किया जाता है जिसने हंसते-हंसते फांसी का फ़न्दा चूम लिया। लेकिन अनेकों लेखों तथा कोर्ट में दिये गये उनके बयानों से स्पष्ट है कि वह एक विचारशील क्रान्तिद्रष्टा थे जो अपने तमाम दूसरे साथियों के साथ इस देश को ब्रिटिश साम्राज्यवाद के शिकंजे से छुडाकर एक सच्चे समाजवादी गणतंत्र की स्थापना करना चाहते थे। आज़ादी से उनका अभिप्राय हर तरह के शोषण और अत्याचार से मुक्ति का था तभी तो वह कहते थे कि '' अगर गोरे अंग्रेज़ों की जगह काले अंग्रेज़ सत्ता में आ गये तो इस आज़ादी का देश के युवाओं, किसानों और मज़दूरों के लिये कोई अर्थ नहीं होगा।'' यही नहीं वह हर तरह की सांप्रदायिकता के भी ख़िलाफ़ थे जिसके प्रमाण उनके धर्म संबंधी अनेक आलेख हैं।



आज आज़ादी के ६२ साल बाद भी उनके स्वप्न अधूरे से लगते हैं। ''युवा संवाद'' उनके आदर्शों के प्रति प्रतिबद्ध सामाजिक-सांस्कृतिक समूह है। हम चाहते हैं कि इस महान शहीद के विचार जन-जन तक पहुंचे। इसीलिये हमने आगामी २७ सितंबर को प्रदेश भर में युवा दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लिया है। इस अवसर पर हमारी मांग है कि



१) २७ सितंबर को ''युवा दिवस'' घोषित किया जाये।
२) भगत सिंह एवम उनके साथियों के आलेख पाठ्यक्रमों में शामिल किये जायें।
३) भगत सिंह की तस्वीर शासकीय कार्यालयों तथा स्कूल-कालेज़ों में लगायी जाये।


इन मांगों के समर्थन में हम व्यापक हस्ताक्षर अभियान आगामी १४ अगस्त से चलायेंगे।
क्या आप हमारा साथ नहीं देंगे?

4 टिप्‍पणियां:

बेनामी ने कहा…

y tasvir waala idea kuch jeyda jma nahi
phele doo demnd theek hai

प्रदीप
चैट पर

दिनेशराय द्विवेदी Dineshrai Dwivedi ने कहा…

भगत सिंह की तस्वीर तो दिलों में है। उसे मौजूदा सरकारी कार्यालयों में लगा देने से तो भगतसिंह का अपमान ही होगा। बेनामी जी की टिप्पणी से सहमत हूँ। हम तो 27 सितम्बर को कोटा में इसे मना ही रहे हैं।

बेनामी ने कहा…

photo wali maang thodi ashuvidhajanak lagti h.

shes fir kbhi

रंगनाथ सिंह
मेल पर

साहिल ने कहा…

pahli 2 demand theek hain, par tasveer lagane se kis baat ki aapurti hogi, samajh nahi aata.... albatta diwar par showpeace ki tarah hi tangna ho to baat alag hai.